How to File a Cheque Bounce Complaint in India Online – चेक बाउंस (Cheque Bounce) तब होता है जब कोय बैंक में Cheque लेके जाता है पैसे निकलने के लिए और बैंक वापिस कर देता है उसे भुगतान नहीं करता तो माना जाता है की तो इसे चेक बाउंस कहा जाता है। इसके कारन हो सकते है जैसे की जो धन राशि भरा गया है चेक में उससे काम पैसा हो खाते में , सिग्नेचर खाता धारक से न मिलता हो इसके आलावा बैंक के द्वारा Cheque रोका गया हो इसके साथ Cheque Bounce Complaint in India में देखा जाता है की पुरानी तारीख लिखी होती है।
Causes of Cheque Bounce in India
चेक बाउंस होने के बहुत से कारण होते है जो इस प्रकार हैं.
- Insufficient Funds: खाते में पैसा होता ही नहीं है और चेक बना देते है तो ऐसे में चेक बाउंस हो जाता है।
- Signature Mismatch: असा भी देखा जाता है की चेक पर किया गया हस्ताक्षर बैंक के रिकॉर्ड में दर्ज हस्ताक्षर से मिलता ही नहीं है।
- Incorrect or Stale Date: चेक पर गलत तारीख का होना, या 3 महीने से पुरानी तारीख होने पर चेक बाउंस।
- Overwriting or Alterations: चेक पर राशि, नाम, या तारीख में काट-छांट करना इसके साथ ओवरराइटिंग किया होता है।
- Stop Payment: खाता धारक द्वारा चेक देने से बैंक को चेक का भुगतान रोकने को बोल दिया हो।
- Account Frozen: खाताधारक का खाता कानूनी कारण से फ्रीज कर दिया गया हो जैसे कोर्ट ऑर्डर या टैक्स डिपार्टमेंट।
- Incorrect Details: चेक नाम और पैसा और जानकरी का गलत होना।
इन कारणों से चेक बाउंस होने पर, यह Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 138 के तहत कानूनी समस्या बन सकता है, जिसमें जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है।
Legal Provisions – Section 138 of Negotiable Instruments Act
Negotiable Instruments Act 1881 की धारा 138 चेक बाउंस (Cheque Bounce) कहता है की तो इसको अपराध माना जाता है और ऐसे दोषी को और आरोपी को चेक अमाउंट का दुगना या 2 साल का सजा या दोनों साथ में दिया जा सकता है
लेकिन इसके पहले यह नियम है की जब आपको पता चले की चेक बाउंस हो गया है तो आपको 30 दिन के अंदर नोटिस भेजना होता है उसके बाद यदि 15 दिन के अंदर चेक धारक का रिप्लाई नहीं आता है तो आप चेक बाउंस का केस कर सकते है।
कानूनी शर्तें
चेक को 3 महीने के अंदर ही बैंक में दिया गया होना चाहिए।
बैंक ने चेक को खाते में कम राशि के कारणों से वापस किया हो।
How to File a Cheque Bounce Complaint in India Online उदाहरण
मान लीजिए, रोहित ने सौरभ को 30,000 रुपये का चेक दे दिया, लेकिन कम राशि के कारण चेक बाउंस हो गया। सौरभ ने बैंक से अनादर मेमो लिया और 30 दिनों के भीतर रोहित को नोटिस भेजा। यदि रोहित 15 दिनों में राशि का भुगतान नहीं करता है, तो सौरभ कोर्ट में धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज करवा सकता है।
Punishment & Penalty for Cheque Bounce in India
कारावास: जब चेक बाउंस के दोषी पाए जाते है और यह साबित हो जाता है की जानबूझकर या लापरवाही या अपर्याप्त राशि के कारन हुआ है चेक जारी किया है उसको अधिकतम 2 साल तक की जेल हो सकती है।
जुर्माना: यदि चाहे तो कोर्ट चेक की राशि के दोगुने तक का जुर्माना भी लगा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि चेक 2 लाख रुपये का है, तो जुर्माना 4 लाख रुपये तक हो सकता है।
दोनों सजा: यदि चाहे तो कोर्ट जेल और जुर्माने दोनों की सजा सुना सकता है।
How to File a Cheque Bounce Complaint in India Online – Step-by-Step Guide
जानेगे की हम लोग जब भी चेक बाउंस होता है तो How to File a Cheque Bounce Complaint in India Online कर सकते है।
Step 1: Draft a Legal Notice
जब भी चेक बाउंस होता है तब चेक बाउंस होने पर सबसे पहले एक कानूनी नोटिस तैयार करें जिसमें चेक नंबर लिखा होना चाहिए, बैंक का नाम लिखा होना चाहिए, राशि और बाउंस होने की तारीख का विवरण लिखा होना चाहिए।
Step 2: Send the Notice to the Drawer
चेक बाउंस की तारीख से 30 दिनों के अंदर यह नोटिस, रजिस्टर्ड पोस्ट या स्पीड पोस्ट द्वारा चेक जारी करने वाले के पते पर भेजें।
Step 3: Wait for the Mandatory 15 Days
नोटिस भेजने के बाद आरोपी के पास 15 दिनों का समय होता है भुगतान करने के लिए तो आप 15 दिन तक इंतज़ार करे।
Step 4: File a Complaint in Court
यदि वो15 दिनों के अंदर चेक का भुगतान नहीं होता है तो आप मजिस्ट्रेट की कोर्ट में ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों प्रकार से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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Documents required for cheque bounce complaint in india
दोस्तों जब भी आप कभी How to File a Cheque Bounce Complaint in India Online सोचते है तो Documents required ये आपको जानना बहुत जरुरी होता है।
- वो चेक जो बाउंस हुआ था। यह शिकायत का मुख्य दस्तावेज है और इसमें नाम, राशि, तारीख, हस्ताक्षर सब हो।
- बैंक द्वारा जारी किया गया दस्तावेज, जिसमें चेक के बाउंस का कारण, जैसे “कम राशि” या “हस्ताक्षर में गड़बड़ी” जो भी बतया हो।
- चेक बाउंस होने के बाद आपने जो चेक जारीकर्ता को कानूनी नोटिस जो भेजे थे उसका कॉपी।
- नोटिस में चेक का विवरण लिखा होना चाहिए, बाउंस का कारण लिखा होना चाहिए, और 15 दिनों में भुगतान की मांग शामिल होनी चाहिए।
- रजिस्टर्ड डाक का सबूत, स्पीड पोस्ट का सबूत, या कूरियर की रसीद का सबूत, जो यह साबित करे कि नोटिस चेक जारीकर्ता को भेजा गया हैऔर प्राप्त हुआ है।
- इसके साथ ही डाक ट्रैकिंग रसीद या Acknowledgement Due (AD) कार्ड जरूर ऐड करे।
- यह कोर्ट में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
- पेयी का आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, या अन्य सरकारी पहचान पत्र आदि होना चाहिये।
- कुछ मामलों में, चेक जारीकर्ता की पहचान से संबंधित दस्तावेज भी माँगे जा सकते हैं।
- शिकायत दर्ज करने के लिए निर्धारित कोर्ट फीस और स्टांप पेपर तैयार करे, जो कोर्ट और राज्य के अनुसार अलग अलग हो सकते हैं।

Latest Judgments on Cheque Bounce in India (2025)
Supreme Court मामले में यह देखा गया की ETC vs. ABC, Supreme Court of India, 2025 – सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपी यह साबित कर देता है कि चेक बिना किसी वैध देनदारी के जारी किया गया था, तो धारा 138 के तहत मामला खारिज किया जा सकता है। इसमें उसको कुछ सजा नहीं होगा न कुछ लें दें करना होगा।
Conclusion
दोस्तों आज की इस ब्लॉग में हमने देखा की How to File a Cheque Bounce Complaint in India Online – Step-by-Step Guide कैसे करते है। यदि आपके मन में How to File a Cheque Bounce Complaint in India Online से रेलेटेड कोय प्रश्न हो तो कमेंट कर सकते है है जल्द रिप्लाई दूंगा और साथ में बताये ये ब्लॉग आर्टिकल आपको कैसा लगा।
